DHTML क्या है | What is DHTML in Hindi – [पूरी जानकारी 2021]

क्या आपके भी मन मैं यह सवाल आते है की DHTML क्या है ? DHTML और HTML में क्या अंतर होता है? 

DHTML का फुल फॉर्म क्या है ? या फिर DHTML का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

तो आज में आपको इस सभी प्रश्नों के उत्तर देने वाला हूँ और आपको DHTML की पूरी जानकारी दूँगा | चलिए इस लेख को शुरू करते है |

DHTML क्या है

DHTML का Full Form क्या है?

DHTML का फुल फॉर्म (full form), Dynamic HTML होता है, यह HTML से पूरा अलग है | DHTML बहुत सारे technologies का मिश्रण है जिनके इस्तेमाल से हम एक interactive और animated website बना सकते है | यह कई सरे technologies का मिश्रण है जैसे की, markup language(जैसे की HTML), client-side scripting language(जैसे की javascript), presentation definition language(जैसे की CSS) एवं document object model(DOM).

DHTML का इस्तेमाल Microsoft ने लाया है , जब internet explorer ४ रिलीज़ हुआ था १९९७ में |

DHTML को आसान भाषा में आप HTML, CSS, JavaScript और DOM का मिश्रण भी कह सकतें है , जो की आपको Dynamic content बनाने में मदद करती है | DHTML , dynamic object model का इस्तेमाल , setting , properties और methods को बदलने के लिए करता है |

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DHTML क्या है ?

जैसे की हमने देखा DHTML, dynamic HTML होता है, जो की कई technologies का मिश्रण होता है, जैसे HTML, CSS, JS और DOM. DHTML तरह तरह के scripting language को एक webpage के variables को change करने देता है जिससे उसका effect , style और function enhance हो जाता है|

DHTML का इस्तेमाल webpage को interactive एवं animated बनाने के लिए किया जाता है जो की real-time generated होते है| चलिए अब Dynamic HTML द्वारा इस्तेमाल किये जाने technologies के बारे मे जानते है |

  • HTML : HTML का full form Hypertext Markup Language होता है| यह एक client-side markup language है| इसका इस्तेमाल web page block बनाने के लिए किया जाता है |
  • CSS : CSS का full form Cascading Style Sheet होता है| इसकी मदद से website को डिजाइन और style किया जाता ताकि वो interactive दिखे| CSS को DHTML में JavaScript की मदद से modify किया जा सकता है और website को कम code लिखे भी dynamic बना सकतें है |
  • JavaScript : यह एक client-side scripting language है | JavaScript को सारे browser support करते है और इसके cookies function से user के ज़रूरतों को पता किया जा सकता है |
  • DOM : DOM का full form होता है, Document Object Model. यह static content को manipulate करने के इस्तेमाल आता है| बस इसकी एक ही कमी है की कोई कोई browser DOM support नही करते है |

DHTML को हमेशा ही HTML से confuse किया जाता है, लेकिन आप यह बात जरूर याद रखें की दोनों ही अलग चीज है| चलिए तो हम अब देखते ही DHTML के कौन कौन से ऐसे features है जिसकी वजह से वो अलग है एवं इसका इस्तेमाल किया जाता है |

DHTML के क्या features है ? – DHTML features (in Hindi)

  1. DHTML के tags और properties को change किया जा सकता है|
  2. इसका इस्तेमाल real-time positioning के लिए किया जाता है|
  3. DHTML के इस्तेमाल से dynamic fonts को भी बनाया जा सकता है|
  4. इसका इस्तेमाल डाटा बंधन (data binding) के लिए होसकता है|
  5. इसके इस्तेमाल से आप dynamic website बना सकते है जिसमें कई dynamic features भी डाल सकतें है जैसे की animation, games और अन्य applications.
  6. DHTML के low-bandwidth features के इस्तेमाल से webpage के functionality को enhance किया जा सकता है|
  7. DHTML, methods, events, properties और code के features को प्रदान करता है|

यह रहे DHTML के कुछ features जो की इससे अलग बनाते है HTML से| चलिए अब जानते है की DHTML का इस्तेमाल क्यों किया जाता है |

DHTML का इस्तेमाल – Uses of DHTML (in Hindi)

आपके भी मन में यह सवाल आ रहा होगा की DHTML के क्या uses है? DHTML web page को dynamic बनाने का काम करता है परन्तु यह काम हम javascript की मदद से भी कर सकते है, तो अब सवाल यह उठता है की DHTML का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

तो इसका जवाब यह है की DHTML के इस्तेमाल से हम webpage के style,ability या content को change कर सकते है बिना ही सब चीज़ों को बदले या delete किए|

DHTML webpage के content को change करसकता जब भी आप चाहे बिना हे किसी अलग चीज़ों को छेड़े या delete किये | डॉक्यूमेंट के लोड होने के बावजूद content में मनचाहा बदलाव किया जा सकता है |

चलिए अब देखते है , DHTML के इस्तेमाल से एक webpage को कैसे लिखा जाता है |

Web Page का Structure – Structure of webpage (in Hindi) using DHTML

देखिये इस प्रकार से DHTML के इस्तेमाल से webpage structure बनाया जा सकता है :

<!DOCTYPE html>
<html lang="en">
    <head>
        <meta charset="utf-8">
        <title>DHTML example</title>
    </head>
    <body>
        <div id="navigation"></div>

        <script>
            function init() {
                var myObj = document.getElementById("navigation");
                // ... manipulate myObj
            }
            window.onload = init;
        </script>

        <!--
        Often the code is stored in an external file; this is done
        by linking the file that contains the JavaScript.
        This is helpful when several pages use the same script:
        -->
        <script src="myjavascript.js"></script>
    </body>
</html>

चलिए अब हम देखते है DHTML के कुछ advantages और disadvantages के बारे में |

DHTML के advantage – Advantages of DHTML (in Hindi)

  • बड़े बड़े browser के निर्माता जैसे की Microsoft और Netscape इसका इस्तेमाल करतें है |
  • कोई भी बदलाव करना इसमें आसान होता है |
  • इसके इस्तेमाल से files का size बहुत ही छोटा होता है किसी भी दूसरे Interactional media company के मुकाबले जैसे की flash और Shockwave.
  • Users को किसी भी दूसरे software या plugin को browser में install करने की जरूरत नही होती है DHTML के webpage को इस्तेमाल के लिए |
  • इसके इस्तेमाल से users का समय बचत होता है , क्यूंकि user से सर्वर में बहुत ही कम request भेजे जाते है, और पेज लोड होने के बाद भी webpages के content में बदलाव किये जा सकते है |
  • Static HTML के मुकाबले इसमें बहुत सारे function उपलब्ध है जो इसे बहुत अच्छा बनाते है |

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DHTML के disadvantage – Disadvantages of DHTML (in Hindi)

  • इसे सरे browser support नही करते है | DHTML को सिर्फ नए नए browsers ही support कर रहे है, जैसे की Netscape 6.0, Internet explorer 5.5 , Opera 5 इत्यादि |
  • DHTML के इस्तेमाल के लिए आपको पहले बहुत सरे चीज़ों को पढना पड़ेगा जैसे की HTML , CSS, Javascript इत्यादि, जो अपने आप मे ही बहुत लम्बा काम है |
  • हर अलग browser में यह अलग तरह से काम करता है , यह जिस तरह से एक browser में काम कर रहा है जरूरी नहीं है उसी तरह से दूसरे में भी काम करें |
  • भले हे DHTML बहुत functional language है परन्तु इसके कई feature को इस्तेमाल करना महंगा भी होता है | DHTML का टेक्स्ट editor Dreamweaver है जिसे खरीदना होता है| HTML से DHTML में बदलाव करना भी महंगा होता है |

HTML vs DHTML – HTML और DHTML में अंतर

  1. HTML एक markup language है परन्तु DHTML technologies का collections होता हैं |
  2. HTML के इस्तेमाल से static webpage बनते है परन्तु DHTML से dynamic web page बनते है |
  3. DHTML के इस्तेमाल से animation और dynamic मेनू बनाया जा सकता है जो की HTML से नही हो सकता |
  4. HTML client-side technologies में slow काम करता है, और DHTML उसके मुकाबले तेज़(fast) है |
  5. HTML के इस्तेमाल से सिर्फ सिंपल webpage बनाया जा सकता है बिना किसी style language के इस्तेमाल से , परन्तु DHTML के इस्तेमाल से बहुत ही सुन्दर website बना सकते है |
  6. HTML को server-side code की तरह इस्तेमाल नही किया जासकता है , परन्तु DHTML को server-side code की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है |
  7. HTML files को .htm या .html extension से save किया जाता है , और DHTML को .dhtml extension से save किया जाता है |
  8. HTML को browser से process होने की ज़रूरत नही होती है परन्तु DHTML को होती है |

Conclusion

तो दोस्त आज अपने इस पोस्ट से DHTML या Dynamic HTML में बारे जाना और उसके बारे में पूरी जानकारी ली | मैं आशा करता हूँ आपने DHTML और HTML में अंतर अच्छे से जाना और DHTML के इस्तेमाल के बारे में भी जाना|

हम ऐसे ही मददगार पोस्ट अलग अलग technologies के बारे में डालते रहते है , उसे भी पढ़े और अपने ज्ञान को बढ़ाये |

Hinditopia से पढने के लिए आपका धन्यवाद |

“ज्ञान की उचाईयों को पाएँ” और आगे बढ़ते जाएँ !

हिंदी Topia 

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