10 Lines on Bhagat Singh in Hindi

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाजु-ए-कातिल में है | हर वक़्त सिर्फ देश की आज़ादी के बारे में सोचने वाले और देश के लिए खुद की जान न्योछावर कर देने वाले महापुरुषों में से एक महापुरुष भगत सिंह भी थे |

10 Lines on Bhagat Singh in Hindi

देशभक्ति का दूसरा नाम भगत सिंह आज के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी मिसाल है | और आज के समय की परिस्थितियों को देखते हुए, ये और भी आवश्यक हो जाता है की आज का युवा जागे और देश को तरक्की की और ले जाये |

आज के इस लेख (10 Lines on Bhagat Singh in Hindi) में हम इन्हीं महापुरुष शहीद भगत सिंह जी के बारे में बात करने वाले है | और आपको इनके बारे में कुछ ऐसी रोचक जानकारी बताने वाले है, जो आपकी देशभक्ति के जज्बे को और भी बढ़ा दे |

तो दोस्तों बिना समय व्यर्थ करे, चलिए शुरू करते है | 

10 Lines on Bhagat Singh in Hindi

  1. भगत सिंह भारत के एक महान स्वतंत्रा सेनानी क्रन्तिकारी थे |
  2. भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 में लायलपुर जिले के बंगा (वर्तमान पाकिस्तान में) में हुआ था |
  3. भगत सिंह के पिता का नाम किशन सिंह तथा माता का नाम विद्यावती कौर था |
  4. भगत सिंह के जन्म के समय इनके पिता किशन सिंह और चाचा स्वरण सिंह जेल में थे |
  5. भगत सिंह करतार सिंह सराभा और लाला लाजपत राय से अत्यधिक प्रभावित थे |
  6. भगत सिंह ने स्वतंत्र भारत की लड़ाई में “इंकलाब जिंदाबाद” का नारा दिया था, जिसका अर्थ है ‘क्रांति की जय हो’ |
  7. भगत सिंह 12 वर्ष की आयु से ही क्रन्तिकारी गतिविधियों से जुड़ गये थे |
  8. भगत सिंह एक अच्छे वक्ता, पाठक व लेखक भी थे |
  9. भगत सिंह ने भारत की आज़ादी के लिए नौजवान भारत सभा की स्थापना की |
  10. भगत सिंह को 23 मार्च 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरु के साथ फांसी पर लटका दिया गया | तीनों महापुरुषों ने हँसते-हँसते देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया |

5 Lines on Bhagat Singh in Hindi

  1. 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग हत्याकांड ने भगत सिंह के मन पर बड़ा गहरा प्रभाव डाला | 
  2. भगत सिंह ने 8 अप्रैल 1929 को ब्रिटिश सेंट्रल असेंबली में बम फेंका था | इन्होंने बम फेकते वक़्त इस बात का ख्याल रखा की वहा पर कोई व्यक्ति मौजूद न हो |
  3. भगत सिंह ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए ए.एस.पी सॉण्डर्स को गोली मारी थी |
  4. भगत सिंह गाँधी जी का काफी सम्मान करते थे | परन्तु जब 1922 में हुए चौरी-चौरा हत्याकांड के बाद जब गाँधी जी ने किसानों का साथ नहीं दिया, तब भगत सिंह का अहिंसा पर से विस्वाश उठ गया |
  5. भारत के सबसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी केवल 23 वर्ष के थे, जब उन्हें फांसी दी गई थी। उनकी मृत्यु ने सैकड़ों लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन का कारण बनने के लिए प्रेरित किया।

Few Lines on Bhagat Singh in Hindi

  1. भगत सिंह शांति प्रिय व्यक्ति थे |
  2. भगत सिंह का बचपन का नाम भागोवाला था, जिसका अर्थ होता है अच्छे भाग्य वाला |
  3. भगत सिंह के पिता एक किसान थे, और माता जी एक गृहणी थी |
  4. भगत सिंह जी को हिंदी, पंजाबी, उर्दू तथा बंगला अच्छी तरह से आती थी |
  5. जब भगत सिंह 8 साल के थे, तो खिलौनों या खेलों के बारे में बात करने के बजाय हमेशा अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालने की बात करते थे।
  6. कॉलेज में, भगत सिंह एक महान अभिनेता थे और उन्होंने ‘राणा प्रताप’ और ‘भारत-दुरदशा’ जैसे नाटकों में कई भूमिकाएँ निभाईं ।
  7. भगत सिंह ने कहा, ‘वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को कुचल नहीं पाएंगे’।
  8. जेल में रहने के दौरान, भगत सिंह विदेशी मूल के कैदियों के लिए बेहतर इलाज की नीति के खिलाफ भूख हड़ताल पर चले गए । उन्होंने जेल में अपने साथियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग की जो जेल में ब्रिटिश लुटेरों और गुंडों को भी दी गई।
  9. भगत सिंह जी ने जेल में अंग्रेजी में एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था मैं नास्तिक क्यों हूँ’ ?
  10. अपने मुकदमे के समय, भगत सिंह जी ने कोई बचाव की पेशकश नहीं की, बल्कि इस अवसर का उपयोग भी भारत की स्वतंत्रता के विचार को प्रचारित करने के लिए किया।
  11. कहा जाता है कि जब भगत सिंह को फांसी दी गई तो वे मुस्कुरा रहे थे।
  12. भगत सिंह कानपुर के लिए घर से निकल गए, जब उनके माता-पिता ने उनकी शादी करने की कोशिश की, यह कहते हुए कि अगर उन्होंने गुलाम भारत में शादी की, तो “मेरी दुल्हन केवल मौत होगी” और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में शामिल हो गए।
  13. जेल में जब उनकी मां उनसे मिलने आई थीं तो भगत सिंह जोर-जोर से हंस रहे थे। यह देख जेल के अधिकारी यह देखकर हैरान रह गए कि मौत के इतने करीब होते हुए भी खुलकर हंसने वाला यह शख्स कैसा है | उनकी विरासत लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी |
  14. भगत सिंह एक सच्चे देशभक्त थे, जिन्होंने पूरी ज़िन्दगी केवल देश के आज़ादी के लिए काम किया |
  15. भगत सिंह हर एक भारत वासी के दिल में सदैव अमर रहेंगे |

10 Lines on Bhagat Singh in English

  1. Bhagat Singh was a great freedom fighter of India.
  2. Bhagat Singh was born on 28 September 1907 at Banga in Lyallpur district(Present-day Pakistan).
  3. Bhagat Singh’s father’s name was Kishan Singh and mother’s name was Vidyavati Kaur.
  4. At the time of Bhagat Singh’s birth, his father Kishan Singh and uncle Swaran Singh were in jail.
  5. Bhagat Singh was highly influenced by Kartar Singh Sarabha and Lala Lajpat Rai.
  6. Bhagat Singh gave the slogan “Inquilab Zindabad” which means ‘Victory to Revolution’ in the fight for independent India.
  7. Bhagat Singh was associated with revolutionary activities from the age of 12.
  8. Bhagat Singh was also a good speaker, reader and writer.
  9. Bhagat Singh founded the Naujawan Bharat Sabha for the independence of India.
  10. Bhagat Singh was hanged along with Sukhdev and Rajguru at 7 pm on 23 March 1931. All the three great men sacrificed their lives for the country laughing.

5 Lines on Bhagat Singh in English

  1. The Jallianwala Bagh massacre on 13 April 1919 made a deep impact on the mind of Bhagat Singh.
  2. Bhagat Singh threw a bomb in the British Central Assembly on 8 April 1929. While throwing the bomb, he took care that no person was present there.
  3. Bhagat Singh shot ASP Saunders to avenge the death of Lala Lajpat Rai.
  4. Bhagat Singh had great respect for Gandhiji. But when Gandhiji did not support the farmers after the Chauri-Chaura massacre in 1922, Bhagat Singh lost his faith in non-violence.
  5. India’s most famous freedom fighter was only 23 years old when he was hanged. His death inspired hundreds of people to become the cause of the independence movement.

Few Lines on Bhagat Singh in English

  1. Bhagat Singh was a peace loving person.
  2. Bhagat Singh’s childhood name was Bhagowala, which means one with good fortune.
  3. Bhagat Singh’s father was a farmer, and mother was a housewife.
  4. Bhagat Singh ji knew Hindi, Punjabi, Urdu and Bangla very well.
  5. When Bhagat Singh was 8 years old, instead of talking about toys or games, he always talked about driving the British out of India.
  6. In college, Bhagat Singh was a great actor and played many roles in plays like ‘Rana Pratap’ and ‘Bharat-Durdasha’.
  7. Bhagat Singh said, ‘They can kill me, but not my thoughts. They can crush my body, but they will not crush my soul’.
  8. Bhagat Singh ji wrote an article in English in jail, titled Why am I an atheist‘?
  9. While in prison, Bhagat Singh went on a hunger strike against the policy of better treatment for prisoners of foreign origin. He demanded basic facilities for his comrades in jail which were also given to British robbers and goons in jail.
  10. At the time of his trial, Bhagat Singh did not offer any defense, but also used this opportunity to propagate the idea of ​​India’s independence.
  11. It is said that when Bhagat Singh was hanged he was smiling. In fact, it was done fearlessly to “undermine British imperialism”.
  12. Bhagat Singh left home for Kanpur when his parents tried to get him married, saying that if he married in slave India, “My bride would be only death” and joined the Hindustan Socialist Republican Association. Have become.
  13. When his mother came to meet him in jail, Bhagat Singh was laughing out loud. Seeing this, the jail officials were astonished to see that despite being so close to death, how is this person laughing openly. His legacy will live on in the hearts of the people.
  14. Bhagat Singh was a true patriot, who worked whole life only for the freedom of the country.
  15. Bhagat Singh will always be immortal in the heart of every Indian.

आपके सवाल हमारे जवाब

  1. भगत सिंह का जन्म कब हुआ था ?

    भगत सिंह का जन्म 28 सितम्बर 1907 में लायलपुर जिले के बंगा (वर्तमान पाकिस्तान में) में हुआ था|

  2. इंक़लाब जिंदाबाद का नारा किसने दिया था ?

    इंक़लाब जिंदाबाद का नारा भगत सिंह जी ने दिया था |

  3. भगत सिंह को फांसी कब मिली ?

    भगत सिंह को 23 मार्च 1931 की शाम सात बजे सुखदेव और राजगुरु के साथ फांसी पर लटका दिया गया |

आपने क्या सिखा 

दोस्तों, मुझे उम्मीद है की आज का ये लेख (10 Lines on Bhagat Singh in Hindi) पढ़ कर आपको काफी कुछ नया और अनोखा जानने को मिला होगा |

भगत सिंह से हमे ये सिखने को मिलता है की हमे भी पूरी लगन और मेहनत से अपने भारत देश को आगे लेकर जाना है, और देश की हर छोटी से बड़ी समस्या को जड़ से उखार फेकना है |

तो दोस्तों, इस लेख में इतना ही मैं मिलता हूँ, आपसे ऐसे की किसी और लेख के साथ | तब तक के लिए जहा भी रहे कुछ नया और अनोखा सीखते रहे |

जय हिंद, वन्दे मातरम् !!

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